बोलती मूरत का करिश्मा दिखाएंगे ।

हज़ारो बातें दफना कर
आज पर जिन्दगी की चादर पहना कर

चलो काटते हैं वो सफ़र
तैखने मे रखेंगे तेरी भी ख़बर

बोलती मूरत का करिश्मा हम दिखाएंगे
दुनियां से हजारों तालियां पाएंगे

लिखेंगे हर बात जो हो चुकी हो आसपास
कहेंगे वो सब जो सोचते थे काश!

कल की बात दूनिया को बताएंगे
ख़ुद को ख़ुद से ही समझाएंगे

दिल में रहेगा हलचल का सिलसिला
चेहरा नज़र आएगा हमारा खिला खिला

हर बात मे छाप छोड़ जायेंगे
ख़ुद से लड़कर दुनिया तक लायेंगे

बोलती मूरत का करिश्मा हम दिखाएंगे
दुनियां से हजारों तालियां पाएंगे

हम कहेंगे अपने दिन की
लोग समझेंगे बात होगी किसी महाजन की

बातों बातों मे ही ज़िंदगी बताएंगे
बोलती मूरत का करिश्मा हम दिखाएंगे।

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