आख़िर आखिरी बार आया।

आखिर आया भी तो कब आया
आखिरी बार ही क्यों आखिर आया,
जा रहे समेट कर खूबसूरत सी दुनिया,
जब रोका तो आखिरी सलाम आया,
आखिर आया भी तो कब आया।

न हां न ना, न कोई पैगाम आया,
आया तो देखो इल्जाम आया,
दूर तक ठहरे थे हम भी,
निभाने का वार भी तमाम आया,
आखिर आया तो क्या आया,
यादों कि सौगातों का इनाम आया
आखिर भी आया तो आखिरी बार आया।

चल रहे थे अचानक की एक तूफान आया,
दिल के समुंदर का उफ्फान आया,
डूबे हुए के पास जाम आया,
ठहरे तो कबके गए थे,
आखिर बहकने का फिर से देखो
आखिरी शाम आया,
आखिर आया भी तो आखिरी बार आया।

चलता हुआ सा ये देखो,
फलता हुआ से ये देखो,
न सूरज का सवेरा न चांद की चांदनी,
आखिर बहक रही थी फिर से मंदाकानी,
भुला हुआ याद आया तो आखिर कब आया,
तुझमें किसी को जाहिर पाया,
कल भी आखिर कब याद आया,
जब आज आखिर आखिरी बार आया।

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