मेने देखा था तुम्हे गौर से।

कल मेने तुझे देखा गौर से,
बंधी न सासें दिल की डोर से,
हिला न तू तूफ़ान के ज़ोर से,
कल देखा था मेने तुझे गौर से।

चलती दुनियां तू देखता रहा,
शायद हलचल तू समझता रहा,
बड़ी ही बेखौफ से लगे थे तुम मुझे,
जैसे रख दिया हो तुमने सर अलग अपना बोझ से,
कल देखा था मेने तुम्हे गौर से।

दुनिया जाती है तो जाने दो,
कोई कहता सुनता है तो सुनने दो,
ये तो जीवन है किसी को तो यहां ठहरने दो,
तुम्हे फर्क न पड़ा किसी भी शोर से,
कल देखा था मैने तुम्हे गौर से।

दुनिया दौड़ रही थी तेज दौड़ से,
मंजिल पकड़ी थी खुशी की शौक से,
तुम्हे धक्का भी दिया बड़ी जोर से,
हिले न तुम पर किसी ओर से,
कल देखा था मैने तुम्हे बड़ी गौर से।

Leave a Reply