तुझे समझाने आया हूँ।

तेरी मेरी यादों को ले जाने आया हूँ
कुछ कहने, कुछ बताने, कुछ समझाने आया हूँ।

तुझे अब खुद जीना है,
हर आँसू मर्म खुद ही पीना है,
तेरे प्रश्न का उत्तर है तूझमे ही,
यूं समझना,
ख़ुद के मेहनत से पसीना सींचना है।
मैं बस तुझे इतना समझाने आया हूं।
तेरे ख्वाबों को मैं दिखाने आया हूँ।

होंगे कष्ट बहुत तुझे,
लगेगा खुद का अहित तुझे,
तुझे तेरा उद्देश्य दिखाने आया हूँ,
तुझे तुझ तक पहुचाने आया हूँ,
तेरे ख्वाबों को मे दिखाने आया हूँ।

तुझे खुला आसमान दिखाने आया हूँ,
धरती का फूल बनाने आया हूँ,
आज मे ही कल दिखाने आया हूँ,
कल तक तो मैं तेरे साथ आया हु।
अब तुझे अकेले चलाने लाया हूँ।
तेरे ख्बाबों को मे दिखाने आया हूँ।

2 Comments

  1. Harry 21/05/2021
    • rashmidelhi 22/05/2021

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