मंजर – डी के निवातिया

मंजर

***

महामारी का ऐसा खंजर न देखा था हमने कभी
इंसानी दिल इतना बंजर न देखा था हमने कभी,
धरती रो रही है देखकर आज आसमान रो रहा है,
की इतना भयानक मंजर न देखा था हमने कभी !!

***

डी के निवातिया

2 Comments

  1. Vijay Kumar Kansal 08/06/2021
    • डी. के. निवातिया 10/06/2021

Leave a Reply