चलेगा दिल ये जहाँ तक जमाना चलेगा ।

तू जियेगा जहाँ तक जमाना होगा,
फिर से कोई अफसाना होगा,
मिलने का नया बहाना होगा,
फिर से कोई दीवाना होगा।

इन्ही गलियों मे फिरेगा,
डुपट्टा किसी का तुझ पर गिरेगा,
फिर किसी गलियों मे हीर राँझा मिलेगा,
अपने सूनेपन को फिर से भरेगा,
चलेगा जहाँ तक जमाना चलेगा।

मिलने मिलाने का बहाना चलेगा।
किसी का किसी को तड़पाना चलेगा।
दिल की गस्ती है डूबना भी चलेगा,
ख़ामोश दिल है बहकना भी चलेगा।
बन्द गलियों मे चहकना भी चलेगा।

है वाट्सएप मोबाइल चलाना भी पड़ेगा।
दिन भर सोना रात भर जागना भी पड़ेगा
खुद की आरज़ू मे किसी को डुबोना भी पड़ेगा
है दिल ये फ़िर से सम्हलना भी पड़ेगा।

दिल की मात फिर से खाना ही पड़ेगा,
इश्क़ का फितूर समाज का कर्ज भरना ही पड़ेगा,
मोह्बत के अलावा भी किसी ओर का होना ही पड़ेगा,
तेरे सिवा भी फ़र्ज़ निभाना पड़ेगा
जियेगा दिल ये जहाँ तक जमाना चलेगा।

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