भला ।

बदला भी तो क्या बदला,
फेला जहां का रंग ये बदला।
देखो जहां की चाल तो देखो,
खुद तो बदला पर रुख भी बदला।

मोरनी की चाल देखो बंदर है अब चला,
वक्त बेवक्त देखो ठेकेदार है चला।
पहरेदार तो छुप गया सात कोने के अंदर,
देखो भरी रात मैं मवाली भी है अब भला।

मिलकर यू बिछड़ने का सिलसिला नहीं खला,
जितना ये तेरा इश्क है खला,
न मैं भली, न वो भला,
वक्त का इंतजार ही है भला।

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