हैं ।

इस तेज आंधी को बारिश बुझा सकती है ।
बेहकते हुए आसमान को
फिजाएं ये उड़ा सकती है,
तू वक्त को तोल के देख जरा
आसमान पर उड़ रहे
परिंदे को जमी भी गिरा सकती है।

वक्त के पलटवार
इंसान को गिरा सकती है,
ख्वाब तो बहुत होते है इंसान के
जिंदगी बहुत बड़ी है, पगले
उसे एक हकीकत ही समझा सकती है।

किस्मत नही आसमा से लड़
तेज आंधी भी किसी के घर बसा सकता है,
तू कोशिश को आखिरी तक करके देख ,
उड़ते आसमा को भी जमी बना सकता है ।

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