दोस्त

नये खुशी के पल यूं ही रहे
हंसते मुस्कुराते जिंदगानी यूं ही रहे
छू ले आसमां तु सब कुछ रहे
पर बीती जिंदगानी न रहे
तु जिस डगर चले झुका ये सारा जमाना रहे
मगर में रहूं तेरे बगल में और ढूंढता तु सारा जमाना रहे।

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