कल।

मै तो तेरा कल था।
ये तेरा आज है।
तेरा साथ तो कल था
ये अकेला तेरे साथ है।
बीते ‌ लम्हों जो छल था,
सुनहरे सपने तेरे वही आज है
तू क्यों बातें भरता है सांझ में,
तेरी मंजिल ही वो आज है।
हुईं वक्त बेवक्त कि घड़ियां
यादें सिर्फ आज है।
कल के खातिर आज है
आज से ही कल है
कल ही तो चला गया
आज ही तेरा आज है।

One Response

  1. Harry 04/05/2021

Leave a Reply