दिये तले अंधेरा ।

देखो जरा दिये का खुद ही वो अंधेरा है
तू तो खामो खा मे डरता है ,
अभी अभी तो हुआ सवेरा है।

तु जा रहा है जिस रास्ते
वहीं रास्ता अब तेरे लिए सूनहरा है
काहे को पिछला याद करे है
जो आगे है वही अब तेरा है

देखो जरा उस दिये को भी
कितना तेज उजियारा है
दिये के निचला कौन देखता है
कि कितना घना अंधियारा है।

तू बढते जा अपने जिवन मे
भूलते जा जो पिछे जा रहा है
जिंदगी का अब यही मौल है तेरा
तेरा तेरा है मेरा मेरा है

2 Comments

  1. Kanchan 02/05/2021
    • rashmidelhi 03/05/2021

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