बिडी 502

( एक चौपाल मे व्यक्ति के जमाघाट के बाद दो व्यक्ति शेष ) ( गुप्ता जी - बिडी क मालिक। , दूसरा व्यक्ति - रामलाल एक बिडी का प्यासा
परदा खुलता है दोनों आमने -सामने बैठे होते है। )
गुप्ता जी - ओर तुम बताओ कैसी चल रही है।
( बिडी छुपाते हुये )

दूसरा व्यक्ति - बढिया है एक बिडी पिलाओ जरा गुप्ता
जी।
गुप्ता जी - अच्छा एक बात बताओ ?

दूसरा व्यक्ति - पूछो ( अश्मंजस मे पड कर मानो आज
राज पूछेंगे )
गुप्ता जी - तूम ऐसे ही रहते हो या तुम्हारा परिवार भी
ऐसे ही रहता है ? ( गुस्से से )
दूसरा व्यक्ति - ( खुद को उपर से नीचे तक देखने के
शर्म से )
बच्चे और परिवार सब बढिया रहते है ।
गुप्ता जी - लगता तो नहीं , घर मे घूसने देते है !
दूसरा व्यक्ति - कैसी बात कर रह़ आप गुप्ता जी। बिल्कुल
जाने देते है ।
(एक बार फिर बिडी की तलब मे बिडी मांगते हुये ।)
बिडी पिलाओ गुप्ता जी
गुप्ता जी - (बिडी छुपाकर) वो तो खत्म हो गई ।
और अगला बंडल रात नौ बजे आता है और
अभी उसमें तीन घण्टे है ।
दूसरा व्यक्ति - कोई बात नहीं तब तक मे यहीं बैठा हूँ ।
गुप्ता जी - (गंभीरता से ) तुम कितना कमा लेते हो ?
दूसरा व्यक्ति - नौकरी से बारह हजार , नौकरी के बाद
ऑटो चलाता हूँ उसमें कहीं 400-500
कमा लेता हूँ ।
गुप्ता जी - ( अब ओर गुस्से मे)
तुम्हारा परिवार भी काम काम करता है ?
दूसरा व्यक्ति - हां बिल्कुल ( गर्व से)
दो बेटी है दोनों मिलाकर तीस हजार ले आती
है । मेरी पत्नी भी पंद्रह हजार ले आती है ।
गुप्ता जी - (विश्वास के साथ )
तब तो तुम्हारी घर मे इज्ज़त नहीं होती ।
( अगला सवाल करते हुये)
घर मे तुम क्या क्या करते हो ?
दूसरा व्यक्ति - सब्जी लाता हूँ और संडे को थोड़ा घर की
देखभाल बस
गुप्ता जी - (मन मे लड्डू खाते हुये )
मुझे देखो मेनै सुबह से एक चव्वनी तक
नहीं कमाई है । पर मेरे ठाट बाट मे कमी है
कोई भला । दो बंडल बिडी लोगों को पिला
देता हूँ । घर मे चलती सो अलग ( दूसरा
व्यक्ति को देखते हुये मुछों पर ताव देते
दूसरा व्यक्ति- ( शर्म से कुछ न सूझते हुये )
अच्छा अब मे चलता हूँ । समय हो गया । गुप्ता जी - रूको बिडी तो पीते जाओ , तुम्हारे लिए जल्दी मंगा लेता हूँ ।
(दूसरा व्यक्ति अनसुना करके चला जाता है ओर गुप्ता जी चैन की सांस लेते हुये बिडी उठाते है उसमें से एक बिडी इतनी शान से निकालते है मानों बहती हुई हवा को रोक दिया हो )
उद्देश्य - बार - बार वस्तु के लेन - देन से सम्मान कम होता है।।।।

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