तेरी मेरी किस्मत

तेरी मेरी किस्मत है,
पौधे मे लगी कली की तरह,
खिलता तो वो पौधे से है,
संवरता वो ओदे से है।
उसकी शून्य तुझसे क्षितिज तुझ तक,
पर सजता किसी ओर पे है ।
तेरी मेरी किस्मत है,
पौधे मे लगी कली की तरह।

जन्म तुझसे जिवित तुझसे,
पर मरता किसी ओर पे है

तेरी मेरी किस्मत है,
पौधे मे लगी कली की तरह
होता किसी ओर का लगता किसी ओर पे।

2 Comments

  1. Harry 23/04/2021
    • rashmidelhi 23/04/2021

Leave a Reply