इंतज़ार…!!

इंतज़ार..!!
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” क्या बताऊँ किस कदर बेताबियाँ है आजकल,
समझ लो कि बाँहों में परछाईयाँ हैं आजकल,
हो गयी है हावी अब इस कदर तनहाई कि,
सुलग रही साँसें, चिंगारियाँ हैं आजकल ।”
-✍️ सुहानता ‘शिकन’

बाँहों में तू भर ले, मैं दीवाना हूँ दीवाना, बेकरार वे,
अब ना होगा मुझसे इंतज़ार वे ।
करता हूँ तुझे मैं, बेतहाशा, हद से ज्यादा,प्यार-प्यार वे,
अब ना होगा मुझसे इंतज़ार वे ।

1) करुँ जो दीदार तो गुजर जाए दिन मेरे,
यादों के सहारे गुजारुँ मैं रातें,
मिलने की तुमसे जब भी हो तमन्ना,
दिल ही दिल में होती मुलाकातें,
हाथ में पकड़ के,हाथ हम चले, संग चले, चल चलें, हुस्ने यार वे,
बाहों में तू भर ले…….
अब ना होगा मुझसे इंतजार वे ।

2) जिंदगी है तन्हा तुम्हारे बिना वे,
एक-एक लम्हों में सदियाँ बिता लूँ,
निकल जाए आह मेरी महज़ एक झोंके से,
क्या मैं दिल को ऐसी सज़ा दूँ,
चलूँ फिर अकड़ के, अब मैं नहीं, फिर कभी, ऐ हसीं, दे करार वे,
बाहों में तू भर ले…….
अब ना होगा मुझसे इंतजार वे ।

3) दिल की अपनी वीरां जमीं पर, प्रीत के ख़्वाब सजाते रहे,
कितनी दफे ही नाम लिख-लिखकर रेत पे तेरा मिटाते रहे,
खयालों में तेरा दीदार करके कितने ही दिन संवार गए मेरे,
मग़र जो हकीकत में बात चली तो सुर्ख कलम ही चलाते रहे,
कहनी है तुमसे हाले-दिल, राजे-दिल, हाँ हज़ार वे,
अब ना होगा मुझसे इंतजार वे ।
बाहों में तू भर ले…….
अब ना होगा मुझसे इंतजार वे ।

-✍️ सुहानता ‘शिकन’

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