रविवार

सुबह आया शाम भी.आया,
जिन्दगी के हर पहलू को तेरे संग है बिताया,
सोमवार भी बिताया शनिवार भी बिताया,
पर तेरे संग मेरा रविवार नहीं आया ।

सडक भी आयी खलिहान भी आया,
चलते चलते बहती नदी का बहाव भी आया ,
तेरे संग बाग से लेकर खुला आसमान तक आया,
पर तेरे संग तालाब का ठहराव नहीं आया ,
तेरे संग मेरा रविवार नहीं आया ।

दोस्त आये अगला पिछला सब है बिताया ,
दुख कि घडी खुशी का पल भी आया,
नया साल ,वैलेंटाइन , दोस्ती का दिन भी आया,
आया तो न बस होली, दिवाली का त्योहार न आया,
तेरे संग मेरा रविवार नहीं आया ।

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