भूल गये मितवा

भूल गए मीतवा, तुम्हें याद नही कल,
जो बिताये थे , साथ मैं हमने पल,
छोड़ गये यू, अंधेरी रात मै हमको,
बची रोशनी भी छीन ले गये तुम,
भूल गये पल वो, याद रहा बस कल,

हैं बस एक गुजारिश ये तुमसे ,
और जख्म न देना टूट गये हम,
याद न रहा तुम्हें वादा, पर गिला नहीं कोई,
भूल गये बातें, पर शिकवा नहीं कोई,
जख्म और कर गये, भूल गये दर्द,
भूल गये पल वो, याद रहा बस कल।
………….

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