श्रद्धा तुम

बहुत कुछ लिखा जा तक ,
बहुत कुछ सोचा आज तक,
जब तुमको लिखने बैठी,
मेरे एक शब्द में कविता ,
हो तुम !!बात ये नहीं की ,
ख़ूबसूरत हो तुम ,
बात ये भी नहीं की ,
जरूरत हो तुम ,
बात तो ये है की ,
मेरे दिल की मूरत हो तुम !!

दुनिया का सबसे खूबसूरत पल ,
जब समझते हो मुझे तुम
मै साथ हु तुम्हारे ,
कहते हो तुम !!

आंखे खुलती ,
ख्यालो में आते  हो तुम ,
इन ख्यालो को,
आईना भी दे दू ,
मेरी कबूल दुआ हो तुम !!

कभी मैंने नहीं रखा ख्याल ,
अपना इतना ,
जितना मेरा  रखते हो तुम,
बात तो ये है की ,
मेरी माँ का एक रूप हो तुम!!

इस झुकने के हुनर ने ,
रंगीन दुवाओ में रखा है ,
तुम्हारे आगे झुकती हो,
तो मेरी श्रद्धा हो तुम

               Anjali

2 Comments

  1. Sukhmangal singh 27/03/2021
  2. जॉय 30/05/2021

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