जीत………………….देवेश दीक्षित

बुराई पर अच्छाई की जीत

उतनी ही जरूरी है

जितनी की जिंदगी के लिए

सांस जरूरी है

उदासी को दूर करने के लिए

मुरली की धुन जरूरी है

अंधेरे को मिटाने के लिए

रोशनी जरूरी है

शत्रुता को मिटाने के लिए

मित्रता जरूरी है

कड़वाहट को दूर करने के लिए

मिठास जरूरी है

नफरत को दूर करने के लिए

प्रेम जरूरी है

और थकान को मिटाने के लिए

अच्छी नींद जरूरी है

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देवेश दीक्षित

7982437710

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