इश्क रूहानी – डी के निवातिया

इश्क रूहानी

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शाम सुहानी हो तो कुछ और बात हो,
साज रूमानी हो तो कुछ और बात हो,
यूँ तो दीवाने हजार मिलते है हुस्न के,
इश्क रूहानी हो तो कुछ और बात हो !!
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डी के निवातिया

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