मांझी कौन बने

मांझी कौन बने

मुस्कुराने की वजह कौन बने
इस दिल की चाहत कौन बने
जिए जा रहे हैं तनहा तनहा
महफिल का आलम कौन बने
अकेले ही चले हैं अनजानी डगर
जो संग चले हमसफर कौन बने
छुपा कर बैठे हैं इस दिल में राज कई
समझे राज ए वफा हमराज कौन बने
धुंआ धुंआ होता जा रहा है जमाना
महक जाए जिंदगी गुलजार कौन बने
लो आ तो गए हैं हम बीच मझधार में
जो पहुंचाए किनारे वह मांझी कौन बने

✍️ *रामगोपाल सांखला “गोपी”* 🙏

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