गर है तो है

गर है तो है
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जिक्र तेरा शाम ओ सहर, गर है तो है।
दुनिया भर को ये खबर, गर है तो है।

मौसम की रंगीनी देखकर, हैरां हूं
सब पर तेरा खूब असर, गर है तो है।

रश्क़ करे कोई मुझसे तो, सोचें क्या
तेरी मेरी एक डगर, गर है तो है।

उसकी मर्जी होगी वो, उतना देगा
हमको इतने में सबर, गर है तो है।

भरी पड़ी है दुनिया , हसीं चेहरों से
हमारी बस तुम पर नजर, गर है तो है।

रो देता है औरों की, तकलीफ़ से तक
इतना ही कमजोर जिगर, गर है तो है।

(सुरेश जादव)

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