क्षितिज

क्षितिज की उस ओर…..
शिखर का अंत……………….अथवा
नभ का एक छोर।।

यही खोज है………………….अथवा
उद्देश्य जीवन का…

सोचता रहा हूँ खड़ा इस ओर…

विस्मय में हूँ कि
मैं आरम्भ के निकट हूँ……….अथवा
शिखर के……

Leave a Reply