तो तुम ख्वाब बन जाओ

ख्वाबों में भी चूमते हो तुम
भुलाऐ नहीं भूलते हो तुम
कुछ याद नहीं हमें तेरे सिवा
बात अक्सर ये भूलते हो तुम

नशा भी करके देखा है
लेकिन कहाँ तेरे जैसा है
सिसकता दिल तकिये पर
बिल्कुल वैसे का वैसा है

तो तुम ख्वाब बन जाओ
बताओ ये ख्याल कैसा है
तुम बिन कौन जानेगा
हमारा हाल कैसा है

2 Comments

  1. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 08/10/2020
  2. rakesh kumar राकेश कुमार 14/10/2020

Leave a Reply