जिसके बिना

ये सच है की तुझसे
रूठा नहीं हूँ मैं
तू जानती है की
झूठा नहीं हूँ मैं

खा लें कसम
कैसे तेरे सर की
तू वो सांस है जिसके बिना
जीता नहीं हूँ मैं

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