सावन – भावना कुमारी

खुशियाँ अपने साथ लाया
सबके मन को बहुत है भाया ।
देखो फिर सावन का महीना आया ।

आसमान में काले बादल
उमड़ घुमड़ कर आते जाते ।
रिमझिम रिमझिम बूंदों से
धरा को शीतल कर जाते ।

चारो ओर हरियाली छाई
आमो के डाली पर सखियो ने झूला डाली ।
मैने भी तेरे नाम की मेंहदी हाथो में रचायी
पर इस सावन भी तू ना आया हरजाई ।
भावना कुमारी

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  1. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 25/07/2020

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