बहुत बुरा लगता है………………देवेश दीक्षित

बहुत बुरा लगता है

जब कोई दिल तोड़ देता है

लिखी हुई कविता पर भी

कोई प्रतिक्रिया नहीं देता है

 

बहुत बुरा लगता है

जब होती अधूरी कविता है

कई प्रयत्न करने पर भी

पूर्ण होती नहीं कविता है

 

बहुत बुरा लगता है

जब व्यक्ति साहस भंग करता है

कविता की बात सुन कर ही

दिलचस्पी नहीं दिखाता है

 

बहुत बुरा लगता है

जब कविता को बकवास कहा जाता है

कलम की ताकत है जानकर भी

उसके महत्व को नहीं समझता है

 

बहुत बुरा लगता है

जब समय का अकाल पड़ता है

लिखने की तमन्ना होने पर भी

कविता का आरंभ नहीं हो पाता है

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3 Comments

  1. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 23/07/2020
  2. vijaykr811 vijaykr811 24/07/2020
  3. deveshdixit DEVESH DIXIT 25/07/2020

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