सरकारें – डी के निवातिया

सरकारें
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सरकारों में पंगे है या पंगो की सरकारें है
सरकारों में गुंडे है या गुंडों की सरकारें है
हकीकत से हमेशा मुहँ छुपाते है ये लोग,
सरकारों में अंधे है या अंधो की सरकारें है !!

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स्वरचित: डी के निवातिया

2 Comments

  1. Deeshu 16/07/2020
    • डी. के. निवातिया 03/08/2020

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