नदी

विषय -नदीदिनांक- 15/06/2020 कल-कल करती अविरल धारा लेकर मनमौजी अनुराग सारा एक दिशा में ही रहती है एक नदी मेरे गाँव में बहती है हर लेती है तृष्णा की व्याधि सुगम सरल बहुत अनुरागीमदमस्त यौवन में चलती है एक नदी मेरे गाँव में बहती है मृग हो या तरूवर की छाया सभी ने भरपूर प्यार पाया अपनी ममता में रखती है एक नदी मेरे गाँव में बहती है बच्चे बड़े हो या कोई गुरूवर पीते नहाते सब जल मनभर आँचल से मोती लुटाती रहती है एक नदी मेरे गाँव में बहती है स्वरचित एव मौलिक रचना नाम- राकेश कुमार पता- जिला महेन्द्रगढ, हरियाणाEmail [email protected]

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  1. vijaykr811 vijaykr811 16/06/2020
  2. rakesh kumar Rakesh Kumar 16/06/2020

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