वीर सावरकर

जूट का परिधान पहनकर गात को गाला करता था एक था वीर सावरकर जो काम निराला करता था जिसने बना दी कर्मभूमि कोठरी एक काल की जिसने लिखी अनेक विधाऐंआताताई ब्रिटिश काल की जिसने जगाया मदन ढींगरा इंडिया हाऊस की सभा होगी दोहरे जीवन की सजा से और कौन बड़ी सजा होगी नादान क्या जाने मातृभूमि का मोल चुकाना क्या होता है भूखे पेट कोड़े खाना कोल्हू चलाना क्या होता है तीनों भाई ने जीवन अपना कालापानी में बलिदान किया हमने क्यों दफ़नाया सच को नहीं हक का सम्मान दियाराकेश कुमार मोबाइल 6005479067महेन्द्रगढ हरियाणा

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