भाईचारा

नमन साहित्य परिवारदिनाँक: 25.05.2020विषय भाईचारा समता की आसान सड़क हो होंठों पर सहयोग का नारा आज समय की मांग यही है आपस में हो भाईचारा मेहनत सींचे खलिहान हमारे उगते हो जहाँ सूरज तारे धूमिल होती आशाओं को फिर से मिल जाऐं उजियारे आ मैं तेरा हाथ पकड़ लूँऔर बन जा तू मेरा सहारा रखें कदम दोनों संग मिलकर आपस में हो भाईचारा ये बंधन कभी ना टूटे ना टूटे कभी देश हमारा नवयुग की ऊषा उजली हो आपस में हो भाईचारा मौलिक, स्वरचितराकेश कुमार

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

Leave a Reply