लघु कथा

मंच को सादर नमन लघु कथा-एक गाँव में एक छोटा सा परिवार रहता था जिसमें तीन बच्चे एवं उनके माता पिता रहते थे |पिता मजदूरी करते थे और किसी तरह अपने बच्चों का पालन पोषण कर रहे थे | एक बच्चे का नाम मनोज था वह भी अपने भाइयों की तरह ही अपने माता पिता का बड़ा आज्ञाकारी था। लेकिन एक दिन मनोज के चाचा ने उनकी जमीन पर कब्ज़ा कर लिया और मारने की धमकी देने लगा। मनोज के माता पिता बहुत ही सभ्य एवं शांत प्रवृत्ति के लोग थे। लेकिन मनोज का चाचा बहुत ही लालची था वह बात बात पर झगड़ा करने लग जाता था ।एक दिन षड़यंत्र कर उसने मनोज के पिता की हत्या करवा दी और पुलिस को भी रिश्वत खिला दी। लेकिन मनोज की माँ ने बहुत शांति से काम लेते हुऐ अपने बच्चों को समझा बुझा दिया और दिन रात मेहनत करने लगी ।अपने बच्चों को सिखाया कि ईमानदारी और मेहनत का जीवन ही सबसे अच्छा है। वक्त बदला मनोज सेना में भर्ती हो गया एवं उसके भाई भी अध्यापक बन गये। सब कुछ अच्छा चल रहा था ।एक दिन अचानक मनोज के पास एक व्यक्ति का फोन आया जो अपने को पुलिस वाला बता रहा था। मनोज उससे मिलने पहुँच गयाऔर क्या देखता है कि एक व्यक्ति चारपाई पर पड़ा कहरा रहा था। मनोज को देखते ही उस व्यक्ति की आँख से अश्रुधारा बह निकली। वह बोला बेटा मुझे माफ कर दो मैं तुम्हारा गुनेहगार हूँ, मैंने तुम्हारी पिता की हत्या होने पर रिश्वत खाई थी। बेटा तुम्हारे पिता जी निर्दोष थे। मनोज रास्ते में आते हुऐ सोच रहा था कि चाचा की अकाल मौत और पुलिस इंस्पेक्टर की दर्दनाक स्थिति ही इनके कर्मों का फल है। माँ सही कहती थी। राकेश कुमार महेन्द्रगढ, हरियाणा

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

Leave a Reply