Bachpan

1) बचपन भुलाने बैठी थी कि आंखें भर आयी मां की लोरी, पिता का प्यार जो मिलता था बारम्बार स्मृति पटल से न ओझल हो पाए आह! बचपन भुलाया न जाए । 2) चोट लगने पर मां का सहलाना बस ठीक हो गई कहकर गुनगुनाना अब कहां से पाएं आह! बचपन भुलाया न जाए। 3) वत्सलमयी मां की पुकार स्नेह लुटाता पिता का दुलार रह रहकर याद आए आह! बचपन भुलाया न जाए। 4) चाहे हो मीठे सपनों की बात या फिर मां के हाथों बने खाने का स्वाद कुछ भी तो न मिल पाए। आह! बचपन भुलाया न जाए। 5) गुड्डे गुड़ियों का वह खेल वह भाई-बहन का मेल देर तक छत पर पतंग उड़ाना वो पापा का पढ़ने के लिए बैठाना रह रहकर याद आए आह ! बचपन भुलाया न जाए। 6) न कोई चिंता न कोई ज़िम्मेदारी अपने मन के थे स्वयं अधिकारी दिन भी तो न लगते थे भारी अब कहां से खेले वह पारी सोच कर मन घबराए ओह ! बचपन भुलाया न जाए । 7) वह माता पिता द्वारा आत्मविश्वास बढ़ाना छोटी बड़ी सफलता मिलकर मनाना इस भीड़ में न मिल पाए आह ! बचपन भुलाया न जाए। 8) सोचकर वह दौर मन प्रफुल्लित हो जाए पर बीता समय न लौट पाए समय का चक्र चलता ही जाए पर बचपन भुलाया न जाए बचपन भुलाया न जाए । साभार पूजा शर्मा

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