अभिमन्यु:-विजय

रथ-पहिया बना जिसका चक्र सुदर्शनदेखें सब हतप्रभ उसका वीर प्रदर्शनन कोई था युद्ध मे उसका सानीवीर अभिमन्यु के न होंगे अब दर्शनथा रणभूमि में लड़ता रहा वो अकेलातोड़ा चक्रव्यूह को था कृष्ण का चेलाअष्ट-योद्धाओं ने संग किया था हमलायोद्धाओ के अम्बर में सूरज वो निकलाभीष्म जैसे महावीर भी जिससे हार गएआचार्य-द्रोण भी न जिसको पछाड़ सकेधन्य हो गयी वो भूमि कुरुक्षेत्र कीजिसपर सौभद्र-अभिमन्यु ने प्राण त्याग दिएवीरता के जब-जब देश मे गीत गूँजेंगेअभिमन्यु के वीर गीत सब कर्ण सुनेंगेफिर हर घर का बच्चा-बच्चा बोल उठेगाधर्म के पक्ष में हम अपने प्राण भी देंगे

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

Leave a Reply