मलाल – शिशिर मधुकर

जी ना सके ए जिंदगी तुझको मलाल है क्या तुझे अब भी कोई मेरा ख्याल है थे बहुत मजबूत पर चोटें तो लग गईं पत्थर भी टूटते हैं जो लगती कुदाल है वो मेरा हो के भी ना मेरा हुआ कंभी पास में मेरे सुनो ऐसी मिसाल है है सभी कुछ पास में तनहा है वो मगर बिन बहारों के चमन रहता निढाल है फूल है सबसे हसीं कांटों से घिर गया मधुकर ये कुदरत से कहे तू भी कमाल है शिशिर मधुकर

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2 Comments

  1. डी. के. निवातिया 04/05/2020
    • Shishir "Madhukar" 15/05/2020

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