मज़बूत इरादें (कोविड के दिनों में)

इरादें मज़बूत होने ही चाहिए, अवसर ऐसे जाने नहीं चाहिए ,कुछ द्वन्द भीतर घात कर रहा, उसे अवसर दिया जाना नहीं चाहिए ।नियंत्रण में सभी भाव रहें, निष्प्रभाव हुए भाव बहना चाहिए,संयमी रहें उथल-पुथल के मध्य, कम सामग्री में भी चाव बढ़ना चाहिए ।।इरादें मज़बूत होने ही चाहिए……. धारा की दिशा में सदा बहना क्या, कुछ विपरीत भी होना चाहिए ,गाया न हो जिस गाने को, कोई गीत ऐसा भी गाना चाहिए ।जीवन मे  कठिनाई से परहेज़ क्यूं, व्यक्तित्व पर बोझ भी उठाना होगा,खेल के आनंद में चोट भी लगे तो, उसका भी स्वागत किया जाना चाहिए।।इरादें मज़बूत होने ही चाहिए……. उजाले की चकाचौंध के मध्य, अंधकार के महत्व को समझना होगा,निशा व्याप्त ही न रहे तो, दिनकर का स्वागत कैसे होगा ।हम जीतेंगें इस जंजीरनुमा व्याधि से, हर कोई सहज ही आनंदित होना चाहिए,युद्ध है ये, इसको विजयी करें, गुण योद्धाओं वाला ही होना चाहिए ।।इरादें मज़बूत होने ही चाहिए……. अरुण जी अग्रवाल

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