एक दिल और सौ अफसाने (गज़ल)

एक दिल और सौ अफसाने ,कुछ जाने और कुछ अंजाने ।जैसे एक नज़र में लाखों सपने ,कुछ अधूरे और कुछ है अमल में ।अमल में क्या है ? बस न के बराबर ,मगर जो अधूरे है वही लगते हैं रुलाने ।यह जिंदगी तो खुद एक पहेली है,खुदा ने ही दी है न ! बस सुलझाने ।कैसे सुलझाएँ भला हम इसे ,वही बताए ,मगर वो तो नहीं आएगा कुछ राह बताने ।हाय ! यह तक़दीर भी कोई दुश्मन नहीं ,हमारी हर कोशिश को यह लगती है हराने ।’अनु’ अब क्या कहे अफसाने अपने दिल के ,बेशुमार दर्दों-गम दर्ज हैं इसमें कितने ही जाने । 

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

Leave a Reply