काग

अरसे बाद मुंडेर पर हमें आज दिखे कई काग मन को झंकृत कर रहा है कांव कांव का रागउनके राग में गूंजते हमने सुने समझे कई प्रश्नगलियां सड़क खामोश क्यों वो जानने को बेचैनमेरे मुंडेर पर आज वो कर रहे बड़ा सम्मेलनबारी बारी कर बतला रहे वे खामोशी का कारणबीच बीच में काग कुछ मचा रहे हैं अति शोरशायद वक्ता काग के तर्क उन्हें दिख रहे कमजोरएक काग ने जमा लिया आम के पेड़ पर आसनलगता वो समझा रहा अब सबको अनुशासनअब सब उसको सुन रहे खामोशी को ओढ़ऐसा मुझको लगा कि सबमें काग वही है प्रौढ़दाने छत पर बिखरे बहुत और काग सभी संतुष्ट इक दूजे से संवाद कर सब तथ्य कर रहे पुष्टआसपास ही दिख रहा कुछ बुलबुलों का समूहशायद वो भेदना चाह रही हैं प्रश्नों के सब व्यूहखामोशी से जीव जंतु सब दिख रहे निहालपर वे सब समझना चाहते क्यों है ऐसा हाल

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

Leave a Reply