“वक्त बेवक्त”

वक्त बेवक्त तुम ही याद आती होमेरे दिल ओ दिमाग में कुछ इस कदर छाती होहौले से जब मुस्कराती होएक नशा सा कर जाती होतुम्हारे उस नशे में मैं खो जाता हूंदो घूंट की और आशा करता हूंइंतज़ार में तुम्हारे रहता हूंइसी बात का अफसोस करता हूंवक्त नहीं मेरे लिए तुम्हारे पासपर फिर भी रहती है एक आसक्योंकि तुम ही हो मेरे लिए खासजीवन संगिनी हो तुम मेराआधारतुम्हारे साथ का है इंतज़ारतुम पर ही है ऐतबारक्रोध न करो ये है आगजो जला कर रख दे है खाकतुम्हारे इस खाक में मैं बुझ न जाऊंतुम्हारे इंतज़ार में मैं गुम न जाऊंमत खा इतना तैस की उस में बह न जाऊंतुम्हारे इंतज़ार में मैं कहीं राह में रह न जाऊंतुम आ जाओ मेरे पासतो जिंदगी को मिले ताजएक दूजे के हैं हम खासपरेशानी में भी खुश रहने का करें काज………………………………………………………………………………………………………………………………………………………देवेश दीक्षित7982437710

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2 Comments

  1. vijaykr811 vijaykr811 20/03/2020
  2. deveshdixit DEVESH DIXIT 20/03/2020

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