इश्क़ मुबारक

तुम,हाँ तुम
मेरा पहला प्यार न सही
पर आखिरी जरूर हो
तुमसे वादा है मेरा
तुमसे पहले जो भी रहा हो
पर तुम्हारे बाद अब और कोई नही
भूलना मुश्किल जरूर होता है पहला प्यार
पर तुम्हारे आने के बाद
अब कुछ भी याद करना जरुरी नहीं
यूँ ही उस खुदा ने हमें
मिलाया होगा नहीं
कुछ तो सोचा होगा ना
तभी तो मैं करने लगा
तुमसे खुद से ज्यादा यक़ी
अब जो भी है मेरा
सब तुम्हारा ही तो हैं
ये तारों भरा आसमां और ये चमकता चाँद
सब तुम्हारा ही तो है
तुमसे वादा है मेरा
तुम्हारे आँखो के काजल की तरह
मैं तुम्हारे साथ रहूँगा
तुम जब भी बहाओगी आँसू
सबसे पहले मैं पिघल जाऊंगा
इश्क़ नहीं है फ़र्ज़ी मेरा
मैं अब सिर्फ तुम्हारा ही हूँ
यकीं कर लो मेरी आँखों मे झांक करकर लो यकीं वाला इश्क़ और कह दो अब
इश्क़ मुबारक
इश्क़ मुबारक–अभिषेक राजहंस

2 Comments

  1. vijaykr811 22/02/2020
  2. डी. के. निवातिया 25/02/2020

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