एक कोना मेरा : कमल भंसाली

एक कोना मेराअब भी जलताभास्कर की तरहनन्हा सा है दिलकैसे दर्द उगलता ?सरहदे दिल की मखमली होतीजब चोट कहीं से भी पंहुचतीमन की मुट्ठी में बंध हो जातातन की सूखी चमड़ीअपने गीत ही गातीविवशता चिल्ला कर सुनातीकभी कराहट सी जो आतीउसी से दिल के दुखड़े जग को सुनातीजलन दर्द की आंच पकातीपर उस कोने तक न पँहुच पातीएक किरायेदार की तरहखामोश रहकर हल्के से मुस्करातीपीड़ित अंतर्मन कोराहत की मलहम लगातीममत्व की यह कहानीजीवन की विवशता को समझाती✍️ कमल भंसाली

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

Leave a Reply