दर्द सहने की आदत – शिशिर मधुकर

समय ने छल किया मुझसे तो अब ये हाल है मेरा बड़ा मायूस रहता हूं ना चमका भाल है मेरा बड़ी लम्बी हुई तुमसे जुदाई की घड़ी देखो बताऊं क्या कितनी मुश्किल से गुजरा साल है मेरा पोंछ लेता हूं चुपके से मैं अपने आंसू की सब बूंदें देख भीगा हुआ कितना अधिक रूमाल है मेरा फला ना कोई भी रिश्ता बनाया जो यहां मैंने यही आया समझ हरदम दोस्त नक्काल है मेरा दर्द सहने की आदत पड़ गई है अब मुझे इतनी वो कहते हैं कहीं मधुकर ना चेहरा लाल है तेरा शिशिर मधुकर

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6 Comments

  1. vijaykr811 vijaykr811 17/01/2020
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 28/01/2020
  2. Nirdosh Kumar 18/01/2020
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 28/01/2020
  3. kiran kapur gulati kiran kapur gulati 12/02/2020
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 16/02/2020

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