काजल

काजल लगे नैनों मेंनयन सुंदर बन जाएलग जाए यदि चरित्र पेतो चरित्रहीन कहलाएइसकी कोई न परिभाषा हैये अर्थहीन कहलाएये जग अलबेला हैइसको न कोई सुहाएकिसी को खाता देखेतो वो खब्बू कहलाएगरीबी से कोई जूझेवो तो बेबस कहलाएकिसी को प्रसन्न देखेतो टेड़ा मुंह बनाएअपनी खुशी के आगेन दूजा कोई भाएमैं मैं करे जो दुनिया मेंवो ज्ञानी बन जाएसबको लेकर जो साथ चलेवो अनाड़ी कहलाएअपनी मैं के आगेदूसरों को मूर्ख बताएये जो सांसारिक माया हैइससे प्रभु बचाए…………………………………………………………………………………………………………..देवेश दीक्षित7982437710

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

2 Comments

  1. vijaykr811 21/01/2020
    • DEVESH DIXIT 23/01/2020

Leave a Reply