…..वो कौन थी ?

 आज सुबह भोर से पहलेभागम भाग के दौर से पहलेएक सपना आया जोरदारवो बोली आज है रविवारमेरे साथ चलो जयपुरमैंने भी मिलाया सुर में सुरउनके संग बैठकर निकले रेलगाड़ी मेंवो लग रही थी अप्सरा रंगीन साडी मेंमैंने सोचा जैसा कहें वैसा किए जाअरमानों के धागे यूंही सीए जामीठी मीठी बातें वो बोल रही थीकानों में मिश्री सी घोल रही थीसफेद कोट और ऊनी टोपे पर जरीसच कहूं तो वो लग रही थी परीमैंने पूछा जी बोलो कहां है जानावो बोली खिलाऊंगी अपने संग खानाछुक छुक कर गाड़ी चलने लगीदुनिया पीछे निकलने लगीपीछे रह रही थी जगत की मोह मायाइतने में कहानी में एक ट्विस्ट आयाप्लेटफार्म पर ही रुकी गाड़ी धड़ाम सेवो बोली चलो उतरो यही आराम सेमैंने बोला क्या हुआ जयपुर में खानाआप तो हो गई यहीं से रवानाउसने कहा अब जयपुर जाना नहीं हैबाहर का खाना खाना नहीं हैमैं खुद बनाऊंगी खाना हाथ सेमैं चौक गया उसकी इस बात सेफिर बोली वो देकर हसीन मुस्कानरास्ते में देखी थी मैंने सब्जी की दुकानफिर वो वहां उस दुकान चलीसब्जी में ली ग्वारपाठे की राम फलीयह आयुर्वेदिक और प्राकृतिक सब्जी हम बनाएंगेआप खाएंगे और खाते ही रह जाएंगेमैं तो उनकी हां में हां मिला रहा थावो आगे और मैं पीछे पीछे जा रहा थायात्रा की बात फिर हुई इधर उधरजयपुर की बजाय पहुंचे उनके घरबड़े प्रेम से वो खाना बना रही थीधीरे-धीरे कुछ गुनगुना रही थीमैंने कुछ समय तक अखबार पढ़ाभोजन की सुगंध से स्वाद का खुमार चढ़ासलाद सब्जी और चपातियां जमा करवो आई लेकर थाली यूं मुस्कुरा करचंद लम्हों में यह खाने की टेबल सजीसपने पर हुआ कुठाराघात जब अलार्म की घंटी बजीनींद से जागा और लिख डालामुंह तक आते आते रह गया निवालाआपबीती लिखकर फिर से सोना चाहता हूंवापिस सपने के नए एपिसोड में खोना चाहता हूंजब सोकर उठा तो चहुं दिश प्रकृति मौन थीसौच रहा हूं मै सपने में जो आई….. वो कौन थी?

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

2 Comments

  1. vijaykr811 08/01/2020
  2. DEVESH DIXIT 09/01/2020

Leave a Reply