वक़्त की चाल – डी के निवातिया

वक़्त की चाल

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जो आज वफ़ा की दुहाई देते है, कौन जाने ये कब बेवफा हो जाएंगे !जो आज बेवफा है चोला बदलकर, वफादार के भेष में नजर आयेगें !कब बदल जाये वक़्त की चाल, कौन इसका रुख पहचाना पाया है !बहरूपिया दुनियाँ है साहिब, अपने अपनों की कब्र खोदते पाएंगे !!!डी के निवातिया

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4 Comments

  1. DEVESH DIXIT 17/01/2020
    • डी. के. निवातिया 14/03/2020
  2. Ashok 31/01/2020
    • डी. के. निवातिया 14/03/2020

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