नरसंहार

नरसंहारहत्याओं के इस दौर मेंमच गया हाहाकारहैवानियत के इस रूप नेबढ़ा दिया नरसंहारबेगुनाहों के खून सेपृथ्वी हो गई लालचीख-पुकार के माहौल मेंकैसे बीते सालहैवानियत के दरिंदों नेखींच दी है खालनारे – बाजी के झगड़ों मेंमसल दिये हैं लालनरसंहार न कभी रुका हैरुकेगा क्या अब खाकये कलयुग की लीला हैकरेगा ये सर्वनाशचोरी, डकैती और लूटपाट न बाकी हैऔर न बाकी है लहू की धारकलयुग है ये कहते हैंकहते हैं इसे समय की मारनरसंहार के इस दौर मेंउम्मीदों की बिछी है लाशइंसानियत मिल गई खाक मेंकैसा ये नरसंहार………………………………………………………………………………………………………………देवेश दीक्षित7982437710

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

3 Comments

  1. vijaykr811 vijaykr811 30/12/2019
  2. deveshdixit DEVESH DIXIT 30/12/2019
  3. deveshdixit DEVESH DIXIT 30/12/2019

Leave a Reply