प्यार के घरौंदे – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा – बिन्दु

प्यार के घरौंदे

दिल की गहराई में उतर गये हैं हम
अपनी तन्हाई से गुजर गये हैं हम।

प्यार को प्यार से ही उसको समझा था
प्यार से प्यार में ही सुधर गये हैं हम।

न गिला हमसे है न खता उनसे कोई
प्यार के घरौंदे में ठहर गये हैं हम।

प्यार सच्चा है गर तो बात बनती है
हमें देखो न कितना निखर गये हैं हम।

ये बंधन प्यार का इक रिश्ता है “बिन्दु”
दिल ये खाली था जिसे भर गये हैं हम।

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

3 Comments

  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 28/11/2019
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 29/11/2019
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 05/12/2019

Leave a Reply