कौन सही, कौन गलत?

जानता हूँ कि तुम मुझसे हूँ यूं खफ़ाजाते जाते मैंने तुमसे कुछ न कहा।अश्क आंखों में अपने संभाले रहेंंहाल था तो बुरा तुमसे कैसे कहें।जख़्म कांटों से जैसे, कुरेदा गयादर्द का घूंट मैंने ,तो यूं पी लिया।याद आई बहुत ,लेकिन मजबूरी हैहजारों मीलों की, अब तो दूरी है।रिश्तों के इस भंवर में, हम तो साथी रहेंसुख दुख को हमेशा,हम मिलकर सहेंवक्त ने भी तो अपनी जो अंगड़ाई लीकौन है अब गलत कौन है अब सही?जानता हूँ कि तुम मुझसे हो यूं ख़फाजाते जाते मैंने तुमसे कुछ न कहा ।

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8 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 19/11/2019
    • Ravi srivastava 24/11/2019
  2. C.M. Sharma 20/11/2019
    • Ravi srivastava 24/11/2019
  3. SALIM RAZA REWA 21/11/2019
    • Ravi srivastava 24/11/2019
  4. डी. के. निवातिया 22/11/2019
    • Ravi srivastava 24/11/2019

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