आस पास – शिशिर मधुकर

मन से तेरी मैं हो गई तू क्यों उदास है
खुशबू मेरी हर वक्त तेरे आस पास है

कितनी दफा ये कह लिया तुझसे मेरे सनम
मुझको तेरी दीवानगी की सब शनास है

तेरे बिना मेरा वजूद कुछ भी तो नहीं
मेरे लिए तू जान ले सांसों सा खास है

चीर के तू देख ले नस नस मेरी कभी
इक फकत तेरा वहां हरदम निवास है

कहती रहे कुछ भी ये दुनिया तेरे लिए
मधुकर कोई मन में मेरे पर ना खटास है

शिशिर मधुकर

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4 Comments

  1. vijaykr811 vijaykr811 18/11/2019
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 19/11/2019
  2. C.M. Sharma C.M. Sharma 20/11/2019
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 20/11/2019

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