मैंने ज़िन्दगी गुलाम कर दी

मैंने ज़िन्दगी अपनी गुलाम कर दी
तेरे नाम अपनी हर शाम कर दी

मेरा साया भी ना रहा साथ मेरे
मैंने जो रौशनी तेरे नाम कर दी

वो ढूँढता रहा पहचान मेरी
मैंने हस्ती अपनी गुमनाम कर दी

मैं लड़ता रहा हक़ के लिए अपने
दुनिया ने मेरी दौलत बेनाम कर दी

मौत मँडरा रही थी चारों ओर मेरे
मैंने समंदर में कस्ती लगाम कर दी

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

One Response

  1. vijaykr811 15/11/2019

Leave a Reply