वो पल – शिशिर मधुकर

मेरे जहन में आज भी वो पल जवान हैं
रूह से कभी मिटते नहीं जिनके निशान हैं

सतह मेरी को देख के धोखे में मत रहो
सागर में ना जाने दबे कितने तूफ़ान हैं

राखों के ढेर हो जहां ना फूल हो कहीं
मेरी नजर में वो सभी मैदां मसान हैं

सोचने का वक्त तो कब का गुजर गया
अब तो जिंदगी में चढ़ आए ढलान हैं

सम्बन्ध निभ रहें हैं पर उलफत कहीं नहीं
तब ही तो देख घर कई मधुकर वीरान हैं

शिशिर मधुकर

Оформить и получить экспресс займ на карту без отказа на любые нужды в день обращения. Взять потребительский кредит онлайн на выгодных условиях в в банке. Получить кредит наличными по паспорту, без справок и поручителей

2 Comments

  1. C.M. Sharma 24/10/2019
  2. Bindeshwar prasad sharma 24/10/2019

Leave a Reply